
आपको बता दें कि आईबी अफसर अंकित वर्मा का शव भी नाले से मिला था। दंगों के दौरान 87 लोग गोलियों का शिकार बने थे। इनमें मृतक और घायल शामिल हैं। वहीं 300 के करीब लोग ईंट-पत्थर, लाठी-डंडों, चाकू-तलवार और अन्य धारदार हथियारों से किए गए हमले में जख्मी हुए थे। पुलिस ने मृतकों और घायलों की अस्पतालों द्वारा तैयार मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह आंकड़ा जारी किया है। नाले से तीन शव बरामद होने के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है। इलाके में पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल में शनिवार को हिंसा में मरने वालों के पोस्टमार्टम में तेजी हुई है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुनील कुमार गौतम ने बताया कि शनिवार को 11 शवों के पोस्टमार्टम किए गए। उनके मुताबिक अभी 6 लोगों के पोस्टमार्टम और होने बाकी हैं। इन 6 लोगों में 3 लोगों के शव की पहचान शनिवार को भी नहीं हो सकी।