बीजिंग।चीन ने खतरनाक विषाणु कोरोना वायरस के फैलने की आशंका को देखते हुए और विषाणु पर नियंत्रण करने के मद्देनजर इससे प्रभावित शहर के आसपास मौजूद चार और शहरों में शुक्रवार को यात्रा प्रतिबंध लगा दिया, जिससे यात्रा प्रतिबंध वाले शहरों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और इसके कारण इन शहरों में रह रही करीब 4.1 करोड़ की आबादी प्रभावित है।
कोरोना विषाणु के संक्रमण से अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है और सार्स (सीवियर एक्युट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम) से मिलते जुलते लक्षण के कारण खतरा बढ़ गया है। सार्स के कारण 2002 - 2003 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोग मारे गए थे। 550,000 की आबादी वाले झिजियांग ने दवा की दुकानों को छोड़कर लगभग सभी कारोबारों को बंद रखने की घोषणा की जबकि 800,000 की आबादी वाले एन्शी ने सभी मनोरंजन स्थलों को बंद कर दिया है।
वही भारत में नोवेल कोरोना वायरस के तीन संदिग्ध मामले सामने आये हैं जिन्हें निगरानी में रखा गया है। साथ ही 12 और हवाई अड्डों पर चीन से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू करने का आदेश जारी किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज बताया कि अब तक चीन से आने वाली 96 उड़ानों के 20,844 यात्रियों की जाँच की गयी है। शुक्रवार को 19 उड़ानों से देश आये 4,082 यात्रियों की जाँच की गयी। उसने बताया “देश में अब तक कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन तीन लोगों को निगरानी में रखा गया है।”
पहले सात हवाई अड्डों पर चीन से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग के आदेश दिये गये थे। अब 12 और हवाई अड्डों के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे के अलावा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् के अधीनस्थ 10 और प्रयोगशालाओं को कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की तेजी से जाँच के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।
चीन में कोरोना वायरस अब तक 26 लोगों की मौत, भारत में सामने आये तीन संदिग्ध मामले