कभी लडडू तो कभी गरमा-गरम हलवा ये वो कुछ खास चीजें हैं जिन्हें खाने के लिए कभी कोई व्यक्ति किसी मौसम का मोहताज नहीं रहता है। लेकिन इन दोनों ही चीजों का सेवन सबसे ज्यादा सर्दी के मौसम में किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दोनों ही चीजें स्वादिष्ट होने के साथ सेहतमंद भी होती हैं। लेकिन हाल ही में हुई मीठे पर एक रिसर्च आपको हैरान कर सकती है। जी हां ऐसा इसलिए क्योंकि इस रिसर्च में बताया गया है कि जो लोग जरूरत सो ज्यादा मीठे खाते हैं उन्हें डिप्रेशन का खतरा अधिक बना रहता है। अमेरिका में केन्सास विश्वविद्यालय (केयू) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सर्दियों के मौसम में सूरज की कम रोशनी के साथ सोने के तरीकों में भी काफी बदलाव आ जाता है। यदि इस समय अगर कोई व्यक्ति अपने आहार में मीठे का अधिक सेवन करता है तो उसका प्रतिकूल प्रभाव उसके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है।
सर्दियों में होने वाले अवसाद से पीड़ित लोगों की संख्या अब तक 30 प्रतिशत है। जिससे लोग इस मौसम में कार्ब्स के साथ छुट्टियों में मीठे का सेवन करना ज्यादा पसंद करते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, डिप्रेशन से बचने के लिए अपने आहार में चीनी से परहेज करना वाकई चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि चीनी का सेवन करते ही प्रारंभिक तौर पर यह आपके मूड को बूस्ट करने का काम करता है।
इस अध्ययन में अवसाद का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि बात जब डिप्रेशन की आती है तो लोगों को इस मौसम में वो सभी चीजें अपने आहार में शामिल करनी चाहिए जिनकी जरूरत हर व्यक्ति के मस्तिष्क को होती है। जिसमें इस तरह के संभावित शर्करा विषाक्त पदार्थों से बचने की सलाह दी जाती है।
सर्दियों में ये खाने की सलाह
इस अध्ययन के अनुसार डिप्रेशन से बचने के लिए आपको प्रोसेस्ड आहार पर कटौती करनी चाहिए। इसके अलावा मनोवैज्ञानिक लाभ पाने के लिए व्यक्ति को अपने आहार में पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों के साथ ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर आहार को शामिल करना चाहिए।