प्याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला


नई दिल्ली।आसमान छूते प्याज के दाम को काबू करने के लिए सरकार 11000 टन प्याज तुकीर् से मंगा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि एमएमटीसी ने तुर्की से 11000 टन प्याज आयात करने का दूसरा अनुबंध किया है जो अगले महीने के पहले सप्ताह तक आएगा।  सूत्र ने बताया कि तुर्की से 11000 टन प्याज दिसंबर के आखिर में या जनवरी के पहले सप्ताह में देश में आने की संभावना है। विदेश व्यापार की देश की सबसे बड़ी कंपनी एमएमटीसी सरकार की ओर से तुर्की व अन्य देशों से प्याज मंगा रही है। 


इससे पहले एमएमटीसी ने 6090 टन प्याज मिस्र से मंगाने का अनुबंध किया है जो अगले 10 दिनों में देश के बाजारों में उतर जाएगा, जिसके बाद कीमतों में नरमी आने की उम्मीद की जा रही है। बाजार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में रविवार को प्याज का खुदरा भाव 80-120 रुपये प्रति किलो था।
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वहीं, दिल्ली की आजादपुर मंडी एपीएमसी की कीमत सूची के अनुसार, देश की राजधानी में शनिवार को प्याज का थोक भाव 20-62.50 रुपये प्रति किलो था जबकि आवक 828 टन थी। मालूम हो कि पिछले महीने 20 नवंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1.2 लाख टन प्याज का आयात करने के सरकार के फैसले को मंजूरी दी थी।  


प्याज के दाम की निगरानी के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह बनाया गया है जिसमें वित्तमंत्री, उपभोक्ता मामलों के मंत्री, कृषि मंत्री और सड़क परिवहन मंत्री बतौर सदस्य शामिल हैं।  इस साल मानसून सीजन के आखिर में प्याज के प्रमुख उत्पादक प्रदेशों में भारी बारिश होने के कारण खरीफ सीजन की फसल खराब हो गई जिसके चलते प्याज की सप्लाई काफी कम हो गई है। 
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केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने बीते महीने एक प्रेसवातार् के दौरान बताया कि इस साल खरीफ सीजन में बारिश के कारण फसल खराब होने के कारण प्याज के उत्पादन में 26 फीसदी की गिरावट आने की संभावना है।