प्रदूषण फैलाने पर 400 क्लीनिक और होटलों को नोटिस


 

आगरा।  प्रदूषण के कलंक से ताजनगरी को मुक्ति नहीं मिल रही। बायो मेडिकल वेस्ट और जल एवं वायु प्रदूषण फैलाने पर 400 मेडिकल प्रैक्टिसनर्स और बजट होटल संचालक फंस गए हैं। इन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के नोटिस जारी किए हैं। सात दिन में नोटिस का जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना होगा। 















टीटीजेड कमेटी ने भी प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव ने बताया कि 250 मेडिकल क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब व डे-केयर सेंटर भी बायो मेडिकल वेस्ट का गलत ढंग से निस्तारण करते हैं। इनके पास कोई एनओसी भी नहीं है। बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 का उल्लंघन और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के लिए कारण बताओ नोटिस दिए हैं। 15 लोगों के जवाब आए हैं। उनका सत्यापन किया जा रहा है। जिन लोगों ने जवाब नहीं दिए, उनके विरुद्ध एनजीटी के आदेशों के तहत कार्रवाई होगी।


20 कमरे के होटलों पर तलवार


250 क्लीनिक के अलावा 150 बजट होटल भी जल एवं वायु प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। इनके पास भी जल एवं वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत कोई एनओसी नहीं है। जबकि जल एवं वायु एनओसी अनिवार्य है। इनके विरुद्ध अग्निशमन विभाग भी कार्रवाई कर सकता है। बजट होटलों में ऐसे होटल शामिल हैं जिनमें 5 से 20 कमरें हैं। 20 कमरों के होटलों पर अब प्रदूषण बोर्ड की तलवार लटकी है।


स्टेट कमेटी ने मांगा जवाब


एनजीटी के आदेश पर यूपी में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी गठित की गई है। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज इसके चेयरमैन हैं। जुलाई में कमेटी चेयरमैन ने आगरा में निरीक्षण किया था। तब बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही मिलने पर एसएन मेडिकल कॉलेज पर 25 लाख का जुर्माना लगाया। इसके अलावा निजी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, मेटरनिटी होम में सख्ती से बायो वेस्ट रूल्स पालन कराने के निर्देश डीएम आगरा को दिए। कमेटी ने दिसंबर में यूपीपीसीबी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस कवायद के लिए प्रदूषण बोर्ड ने नोटिस जारी किए हैं।


एनएचएआई पर लग चुका है 6.84 करोड़ का जुर्माना


वायु प्रदूषण फैलाने व पांच साल तक पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का दोषी मानते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर 6.84 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों के अनुसार दो माह बाद भी एनएचएआई ने जुर्माना जमा नहीं किया है।