दिमागी कसरत के लिए खूब पढ़िए किताबें


नईदिल्ली।  एक अध्ययन में पाया गया है कि किताबें पढ़ना दिमाग के लिए अच्छा होता है। ये आदत दिमाग की कसरत करवाती हैं और मानसिक क्षमता को बढ़ाने का काम करती हैं। यह अध्ययन बर्केले की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया।


शोधकर्ताओं ने कहा कि दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने के लिए किताबें पढ़ना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, ये बात हम पहले से ही जानते हैं कि पढ़ना से बच्चों का विकास होता है। हालांकि उन्होंने शोध में पाया कि जो बच्चे कम उम्र से ही पढ़ना शुरू कर देते हैं, वे बौद्धिक परीक्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। 


अध्ययन में यह भी पता चला कि पढ़ने से वयस्कों के दिमाग का विकसित होना जारी रहता है। अध्ययन के दौरान, लोगों को पढ़ने के लिए एक किताब दी गई और उनका एमआरआई किया गया। इसमें पता चला कि अलग-अलग तरह की किताबें पढ़ने से मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों का व्यायाम होता है।
 
एक अन्य अध्ययन का कहना है कि जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, वैसे-वैसे पढ़ने से आपकी दिमागी क्षमता कमजोर होने की गति धीमी हो जाती है या फिर रुक जाती है। 


शोधकर्ताओं ने कहा, किताबों पर अंकित शब्द आपकी मानसिक क्षमता में सुधार कर सकते हैं। शोध के मुताबिक, किताबें केवल आपकी दिमागी क्षमता को ही नहीं बढ़ाती, बल्कि ये आपको एक अच्छा इंसान भी बनाती हैं।


शोधकर्ताओं का कहना है कि अधिकतर लोग व्यस्त होने के कारण किताबें नहीं पढ़ पाते। हालांकि, अगर वे किताबें पढ़ने का एक उद्देश्य बना लेंगे तो व्यस्तता में भी समय निकाल सकते हैं। 


उन्होंने कहा, जो लोग किताबें बिल्कुल नहीं पढ़ते, उनको शुरुआत में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। लेकिन रोज एक-एक पेज पढ़ने से धीरे-धीरे उनको पूरी किताब पढ़ने की आदत हो जाएगी।